Category: Dharma

Sanatan Dharma

आरएसएस का विस्तार और संगठन: एक लाख शाखाएँ कर रही हैं चरित्र निर्माण

यह ब्लॉग आरएसएस का विस्तार और संगठन का व्यापक परिचय देता है। इसमें शाखाओं, स्वयंसेवकों, प्रचारकों, विद्यालयों, सामाजिक संगठनों, प्रकाशनों तथा नेतृत्व निर्माण की संरचना का विश्लेषण किया गया है।…

योग ईश्वर युक्तिसंगत सिद्धांत: प्राचीन तर्क और  आधुनिक निरीश्वरवादी समन्वय (योगसूत्र १.२४)

क्या योग केवल शारीरिक अभ्यास है, या उसके पीछे एक गहन दार्शनिक आधार भी है? यह लेख योगसूत्र १.२४ के आधार पर ईश्वर, चेतना, पुरुष, प्रकृति और मुक्ति की अवधारणा…

योगसूत्रों का क्रमबद्ध निरूपण: परम अनुक्रमणिका एवं विषय-सूची

योगसूत्रों का क्रमबद्ध निरूपण: परम अनुक्रमणिका एवं विषय-सूची भारत / GB जब महर्षि पतञ्जलि के योगसूत्रों का गहन अध्ययन आगे बढ़ता है, तब प्रत्येक सूत्र की दार्शनिक यात्रा का अनुशीलन…

दूसरा भारत विभाजन: बौद्ध आरक्षण विरोधाभास श्रृंखला क्यों? (0)

यह लेख बौद्ध आरक्षण विरोधाभास श्रृंखला की प्रस्तावना है। इसमें 1956 के नागपुर धर्मांतरण को एक सभ्यतागत मोड़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है और यह तर्क दिया गया…

वैश्विक ऊर्जा विश्लेषण: पश्चिम एशिया के अंतहीन युद्ध का पुनर्मूल्यांकन (33)

पश्चिम एशिया के होर्मुज संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था की प्रचलन-आधारित संरचना को तोड़ दिया। यह बदलाव आर्थिक या तकनीकी कारणों से नहीं, बल्कि फैशन प्रभाव के टूटने से आया।…

गांधी का अनिर्वाचित जनादेश: बिन दिया अधिकार (21)

गांधी का अनिर्वाचित जनादेश यह दर्शाता है कि हर निर्णायक क्षण पर गांधी के पास कौन सा संस्थागत पद था — या नहीं था। असहयोग, नमक मार्च और इरविन समझौते…

राम नवमी खगोल विज्ञान: एक सांस्कृतिक, आकाशीय और जीवित व्यवस्था

राम नवमी खगोल विज्ञान, वाल्मीकि रामायण में वर्णित राम के जन्म के समय की ग्रह स्थिति को आधुनिक पुनर्निर्माण और पंचांग प्रणाली से जोड़ता है। यह दर्शाता है कि अवलोकन,…

ऋग्वेद से संरक्षण मंत्र: इंद्र का युद्ध आह्वान और ऋषि-निर्मित शस्त्र ऋग्वेद १.८१, १.८४

ऋग्वेद के संरक्षण मंत्र इंद्र को उस दिव्य योद्धा के रूप में प्रस्तुत करते हैं जो छोटे और बड़े सभी संघर्षों में आह्वान किए जाते हैं। वृत्र-वध से लेकर निन्यानवे…

न्यायिक सीमा का सत्य: NCERT पाठ्यपुस्तकों प्रतिबंध क्यों?

कक्षा आठ की एनसीईआरटी सामाजिक विज्ञान पुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े सरकारी आंकड़ों का उल्लेख सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबंध का कारण बना। यह लेख सुओ मोटो संज्ञान, अवमानना अधिनियम, लंबित…

पुरुष विशेष ईश्वर: सभी क्लेशों से परे परम-शुद्ध चेतना (योग सूत्र 1.24)

योगसूत्र एक दशमलव चौबीस में पतञ्जलि पुरुषविशेष ईश्वर की तात्त्विक परिभाषा देते हैं। ईश्वर वह विशेष पुरुष है जो क्लेश, कर्म, विपाक और आशय से सर्वथा असंस्पृष्ट है। यह विवेचन…

ऋग्वैदिक रक्षा मंत्र और वज्र सिद्धांत ऋग्वेद 1.80

ऋग्वैदिक रक्षा मंत्र और वज्र सिद्धांत ऋग्वेद 1.80 भाग XIX – रक्षा के सूक्त भारत/GB ऋग्वैदिक रक्षा मंत्र और वज्र सिद्धांत पाँच हजार वर्ष पुरानी हिंदू सभ्यता ने अपनी सबसे…

RSS चरित्र निर्माण प्रणाली: वैश्विक निर्यात संभावना

यह लेख आरएसएस चरित्र निर्माण प्रणाली की वैश्विक निर्यात संभावना का विश्लेषण करता है। इसमें बताया गया है कि तप, दंड और सेवा पर आधारित शाखा मॉडल किस प्रकार कार्यस्थलों…

चयनात्मक भारतीय न्यायिक गति: कहीं न्यायालय दौड़े, कहीं रुके

यह ब्लॉग चयनात्मक भारतीय न्यायिक गति के पैटर्न का विश्लेषण करता है, जहाँ वक्फ अधिनियम जैसी चुनौतियों को महीनों में अंतरिम राहत मिलती है, जबकि राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि…

व्याहारिक सलाफी ट्रोजन तकनीक: हिंदू उत्सवों में मुस्लिम लड़कियों की घुसपैठ-II

यह विश्लेषण दिखाता है कि सलाफी ट्रोजन तकनीक का व्यवहार कैसे व्यक्तिगत संपर्कों से संस्थागत प्रभाव तक बढ़ता है। ब्रिटेन के ग्रूमिंग-गैंग समानांतर, भारतीय अंतर-धार्मिक विवादों और उत्सव-सीमा मामलों के…

आरएसएस चरित्र निर्माण मॉडल: वैश्विक निर्यात की संभावना

यह लेख बताता है कि आरएसएस चरित्र निर्माण मॉडल: वैश्विक निर्यात की संभावना केवल वैचारिक चर्चा नहीं, बल्कि वैश्विक मानव निर्माण संकट का व्यावहारिक समाधान है। विद्यालय और परिवार से…

उपयोगात्मक ईश्वर प्रणीथान: समाधि की प्राप्ति को तीव्र करने वाला प्रत्यक्ष मार्ग  (योगसूत्र 1.23)-II

यह लेख पतंजलि योगसूत्र 1.23 के आलोक में ईश्वरप्रणिधान की अवधारणा का विश्लेषण करता है। क्रमिक साधना के वर्णन के पश्चात्, पतंजलि समर्पण को समाधि की गति को तीव्र करने…

नूपुर शर्मा अपराधी घोषित

यह ब्लॉग नूपुर शर्मा प्रकरण के माध्यम से भारत की उच्च न्यायपालिका में उभरते उस पैटर्न का विश्लेषण करता है जहाँ प्रक्रियागत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक टिप्पणियों ने…

स्थानीय बहुसंख्यक गतिशीलता: योगी आदित्यनाथ का सीमांत प्रभाव विश्लेषण (1947-2025)-I

यह ब्लॉग योगी आदित्यनाथ के सुरक्षा-असममितता कथन को स्थानीय बहुसंख्यक गतिशीलता के माध्यम से विश्लेषित करता है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और हरियाणा के उदाहरण दिखाते हैं कि…

छांगुर बाबा धर्मांतरण धोखाधड़ी: ₹500 करोड़ के आईएसआई-वित्तपोषित ऑपरेशन का खुलासा-1A

छांगुर बाबा धर्मांतरण धोखाधड़ी भारत में उजागर हुआ अब तक का सबसे बड़ा संगठित, विदेशी-वित्तपोषित धर्मांतरण नेटवर्क है। यूपी एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय की जाँच से आईएसआई कड़ियाँ, हवाला धन,…

हक़ फिल्म और काफिर दृष्टिकोण: मान्य और अस्वीकृत अधिकारों का विश्लेषण

Haq Movie एक महिला के अधिकार संघर्ष को दिखाती है, लेकिन kafir classification एक गहरे प्रश्न को उजागर करती है। जब एक समुदाय धार्मिक प्राधिकार को चुनौती देकर संवैधानिक संरक्षण…