गांधी की शक्ति प्रयोगशाला: जल-रूपक — तीस करोड़ लोग स्वतंत्र होने को तैयार (137)
गांधी के चंपारण, असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलनों में जन-शक्ति ने बार-बार व्यापक संरचनात्मक दबाव बनाया। फिर भी प्रत्येक चरण में प्राप्त परिणाम उस दबाव से संभव परिवर्तन से कम…