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पुरुष विशेष ईश्वर: सभी क्लेशों से परे परम-शुद्ध चेतना (योग सूत्र 1.24)

योगसूत्र एक दशमलव चौबीस में पतञ्जलि पुरुषविशेष ईश्वर की तात्त्विक परिभाषा देते हैं। ईश्वर वह विशेष पुरुष है जो क्लेश, कर्म, विपाक और आशय से सर्वथा असंस्पृष्ट है। यह विवेचन…