Category: Personalities

ममता की कृत्रिम आक्रोश कार्यपद्धति: जब वही रणनीति निर्गमन द्वार दिखाने लगे

ममता बनर्जी की कृत्रिम आक्रोश कार्यपद्धति ने विपक्ष में रहते हुए सत्ता का द्वार खोला, किंतु शासन में वही रणनीति अविश्वसनीय बन गई। सिंगूर में प्रत्यक्ष आंदोलनकर्ता से लेकर एस…

नेहरू द्वारा आक्रमणकारियों का महिमामंडन: ‘ऊर्जावान और सशक्त’ आख्यान

यह लेख नेहरू द्वारा इस्लामी आक्रमणकारियों के महिमामंडन की भाषिक रणनीति का विश्लेषण करता है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे “ऊर्जावान”, “नव चेतना” और “संश्लेषण” जैसे शब्दों के माध्यम…

विभाजन जनांकिक महाविनाश: योगी आदित्यनाथ का सांख्यिक प्रमाण (1800–1947)

1947 का विभाजन केवल भौगोलिक पुनर्व्यवस्था नहीं था, बल्कि एक गहन जनांकिक प्रयोग था। पाकिस्तान और भारत में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या प्रवृत्तियों ने यह स्पष्ट किया कि शासन-प्रणाली और सांस्कृतिक…

नेहरू दृष्टिकोण में मुहम्मद ग़ोरी: इतिहास का रूपांतरण – II

नेहरू दृष्टिकोण में मुहम्मद ग़ोरी को प्रस्तुत करने की पद्धति भारत के इतिहास की एक निर्णायक पराजय को “ऐतिहासिक प्रगति” में बदल देती है। यह लेख दिखाता है कि भाषा,…

नेहरू दृष्टिकोण और मुहम्मद ग़ोरी: इतिहास का रूपांतरण-I

तराइन के द्वितीय युद्ध (1192) में पृथ्वीराज चौहान की पराजय भारत के इतिहास का निर्णायक क्षण थी। यह लेख दिखाता है कि नेहरू दृष्टिकोण और मुहम्मद ग़ोरी के संदर्भ में…

मुग़ल राज और धार्मिक राज का विश्लेषण: योगी आदित्यनाथ दृष्टिकोण

यह लेख मुग़ल राज और धार्मिक राज की तुलना के माध्यम से यह स्पष्ट करता है कि धार्मिक असंतुलन शासकों के स्वभाव का नहीं, बल्कि शासन-प्रणालियों की आंतरिक संरचना का…

बौद्ध आरक्षण विरोधाभास: बौद्धों को अनुसूचित जाति लाभ क्यों, जबकि ईसाइयों और मुसलमानों को नहीं

यह लेख बौद्ध आरक्षण विरोधाभास की पड़ताल करता है—जहाँ बौद्ध हिंदू सामाजिक ढांचे को अस्वीकार करते हुए भी उसी से उत्पन्न अनुसूचित जाति लाभ बनाए रखते हैं। संवैधानिक संशोधनों, आंबेडकरवादी…

योगी आदित्यनाथ और मुगल राज

यह लेख योगी आदित्यनाथ और मुगल राज के संदर्भ में अकबर को “अपवाद” मानने की धारणा की जाँच करता है। जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब के शासनकाल के उदाहरणों के माध्यम…

योगी आदित्यनाथ और मुगल काल: सुरक्षा असंतुलन

यह लेख योगी आदित्यनाथ द्वारा उठाए गए सुरक्षा संबंधी प्रश्न को भावनात्मक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में परखता है। मुगल शासन की संरचना, धार्मिक नियमों की भूमिका और सनातन परंपरा…

नेहरू की जानबूझकर की गई चूक

यह लेख मथुरा पर सन् 1018 में हुए आक्रमण की पृष्ठभूमि में जवाहरलाल नेहरू की ऐतिहासिक प्रस्तुति की समीक्षा करता है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे जनहानि, मंदिर विध्वंस…

नेहरू की ऐतिहासिक रूपरेखा: भारतीय इतिहास पर उनकी दृष्टि

यह लेख नेहरू की ऐतिहासिक रूपरेखा का विश्लेषण करता है और दिखाता है कि स्वतंत्रता आंदोलन की राजनीतिक प्रवृत्तियाँ इतिहास लेखन में कैसे दिखाई दीं। इसमें बताया गया है कि…